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स्क्रीन के पीछे की दुनिया का धुरंधर

आठ चैनलों की डिजाइनिंग और सिस्टम इंटीग्रेशन का काम कर चुके श्याम सालवी के पास भारतीय टीवी इंडस्ट्री की यादों का खजाना : आप रिमोट पर जैसे ही बटन दबाते हैं, टीवी स्क्रीन पर कोई एंकर ख़बरें पेश करता दिखने लगता है। कैमरे के सामने का काम दिख जाता है। इन्हें आप तक पहुंचाने वाले कौन हैं, इस बारे में लोग जान नहीं पाते। स्क्रीन के पीछे की दुनिया के स्थापित चेहरों के बारे में लोग कम जान पाते हैं। भड़ास4मीडिया ने कुछ ऐसे चेहरों को सामने लाने की तैयारी की है, जो मीडिया इंडस्ट्री में अपने काम की वजह से जाने जाते हैं।

देश के आठ चैनलों की डिजायनिंग और सिस्टम इंटीग्रेशन का काम सफलतापूर्वक करने वाले श्याम सालवी ऐसे ही धुरंधर हैं। वे पर्दे के पीछे रहकर स्क्रीन की चमक को कायम रखते हैं। अपने करियर के 13 वर्षों में 12 चैनलों के लिए काम कर चुके सालवी देश के जाने-माने ब्राडकास्टिंग इंजीनियर है। ब्राडकास्टिंग इंजीनियर वो होता है जो किसी भी चैनल का ताना-बाना बुनता है। सालवी ने टोटल टीवी (एनसीआर-दिल्ली का न्यूज चैनल) के इंस्टालेशन और सिस्टम इंटीग्रेशन का काम किया। इस चैनल के लिए ओबी वैन का विजुवलाइजेशन डिजाइन, उसका सिस्टम इंटीग्रेशन-इंस्टालेशन भी इन्हीं की देन है।

सालवी टीवी तकनीक के मास्टर माने जाते हैं। उन्होंने ही टोटल टीवी में ही मैक आपरेटिंग बेस्ड प्लेआउट सिस्टम (बिल्डिंग4मीडिया) को इंट्रोड्यूस किया। यह देश में पहली शुरुआत थी। मैक ओएस बेस्ट प्लेआउट सिस्टम (बिल्डिंग4मीडिया) इतना कारगर साबित हुआ कि आज देश के कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय न्यूज चैनल इस टेक्नालाजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। सालवी जिन 13 चैनलों से जुड़े, उनमें टोटल टीवी समेत कुल आठ चैनलों की रूपरेखा और टीवी सिस्टम इंटीग्रेशन का काम किया। इनमें टोटल टीवी, एमएच वन न्यूज़, साधना न्यूज़ (बिहार), साधना न्यूज़ (एमपी), साधना टीवी, आज़ाद न्यूज़, नक्षत्र न्यूज़ और कोलकाता टीवी जैसे सफल नाम शामिल हैं। बतौर टेक्निकल एक्सपर्ट, आज भी सालवी कई चैनलों को अपने सेवाएं दे रहे हैं।

तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में सालवी ने एमएच वन न्यूज़ चैनल में एयर बाक्स माड्यूल्स को पूर्ण कार्यप्रणाली के साथ लगाया। ये पहली बार था जब भारत में किसी न्यूज चैनल के लाइव प्रसारण के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया। एमएच वन न्यूज़ चैनल के बाद ये तकनीक छोटे बजट के चैनलों के लिए वरदान साबित हुई है। वीएसएन (स्पैनिश) न्यूज़ ओटोमेशन भी देश के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सालवी की देन है। वीएसएन न्यूज़ ओटोमेशन को इन्होंने भारत में पहली बार आजाद न्यूज चैनल में लगाया। मौजूदा दौर में देश के कई बड़े चैनल वीएसएन न्यूज़ ओटोमेशन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उड़ीसा का न्यूज़ चैनल नक्षत्र न्यूज़ बिल्डिंग4मीडिया और ईएनपीएस टेक्नोलॉजी की वजह से किसी भी स्तरीय चैनल के माफिक बेजोड़ है। आने वाला वक्त हाई डिफिनेशन टेक्नोलॉजी का है। इसकी शुरुआत सालवी ने नक्षत्र न्यूज़ को एचडी रेडी कैमरा से लेंस बनाकर की थी। आज़ाद न्यूज और कोलकाता टीवी को सालवी ने अपनी टीम के साथ बगैर लाइव टेलीकॉस्ट रोके एक जगह से दूसरी जगह स्थापित करने का कमाल भी किया है। इसके लिए उन्हें और उनकी टीम को कई चुनौतियों से दो-चार होना पड़ा। अन्ततः कामयाबी सालवी के हाथ लगी। इसके अलावा सालवी को आईपी टीवी, डीटीएच जैसी तकनीक की भी गहरी समझ है।

श्याम सालवी ने अपनी पेशेवर जिदंगी की शुरुआत छोटी सी उम्र में की। मुंबई विश्वविद्यालय से बीएससी और बीएससी (टेक.) की डिग्री लेने के बाद श्याम ने ब्राडकास्टिंग से जुड़ी कई राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय ट्रेनिंग ली। सालवी ने 1996 में टेलेराड, मुंबई (सोनी की ब्राडकास्ट इक्विपमेंट्स की भारत में अधिकृत विक्रेता कंपनी) में सालवी ने बतौर सर्विस इंजीनियर काम शुरू किया। 1999 में सालवी ने यूटीवी में टेक्निकल इंचार्ज की हैसियत से काम किया। इसके बाद स्टार न्यूज़ (उत्तर भारत) के इंजीनियरिंग विभाग में प्रबंधन की ज़िम्मेदारी संभाली। यहीं से सालवी ने अपने पेशेवर जीवन की उंचाइयों को छूना शुरू किया। यह सालवी के लिए महज़ एक शुरुआत भर थी क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की दुनिया में साल 2000 कई ख़बरिया चैनलों की होड़ की वज़ह से बहुत ज्यादा चर्चा में रहा। इन टेलीविजन चैनलों को जमाने के लिए दरकार थी कि तकनीकी रूप से एक पेशेवर दक्ष व्यक्ति इन्हें मिले।

चैनल का लाइव टेलीकास्ट अपलिंकिंग और डाउनलिंक सबसे ज्यादा पेचीदगी का काम है। इसके साथ जरूरी है न्यूज़ रूम, स्टूडियो, एडिटिंग, पीसीआर, एमसीआर, कार रूम, इंजस्ट और लाइब्रेरी का माकूल और उच्च तकनीकी के साथ स्थापित किया जाना। इनके बीच एक तालमेल कायम करना। इतना सब करने के लिए एक उर्जावान और पारखी की जरूरत होती है जो चैनल को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कर सके। चैनल की धड़कन होती है टेक्नोलॉजी और अगर दिल सही से धड़कता रहे तो शरीर रूपी चैनल को पूरी तरीके से खून का सही संचार मिलता रहता है। ये खून है तारों के बीच दौड़ता हुआ नेटवर्किंग का कमाल। अब सवाल ये उठता है कि इतनी सब चीजों की समझ किसके पास है? सालवी ने 13 साल तक इन्हीं सब के बीच बिताया।

सालवी कहते हैं- मेरा लक्ष्य अभी कई चुनौतियों को हराने का है, अभी जो कुछ किया है, उसे एक शुरुआत भर मानता हूं।

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श्याम सालवी भड़ास4मीडिया पर समय-समय पर ब्राडकास्टिंग टेक्नालाजी के बारे में लिखने के लिए राजी हो गए हैं। आपके मन में अगर टेक्नोलाजी को लेकर कोई सवाल है तो आप सीधे सालवी से पूछ सकते हैं। उनसे संपर्क करने के लिए This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. या 09999114488 का सहारा लिया जा सकता है। श्याम सालवी की दुनिया और टीवी इंडस्ट्री के तकनीकी इतिहास को जानने-समझने के लिए आप सालवी की वेबसाइट के होम पेज पर दाईं ओर स्थित टीवी चैनलों के लोगो पर क्लिक कर सकते हैं। श्याम की वेबसाइट पर जाने के लिए क्लिक करें- टीवी की तकनीक

This article Published in Bhadas Media on  Sunday, 20 September 2009  See Click here

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